अब बसपा की मान्यता रद्द करने में जुट गयी बीजेपी

हिन्द न्यूज़ डेस्क। भाजपा ने दावा किया है कि मायावती ने मुसलमानों से उन्हें वोट करने की अपील की है जोकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना है, मायावती ने जाति और धर्म के नाम पर वोट मांगने की कोशिश की है, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने जाति, धर्म और भाषा के अधार पर वोट मांगने पर पाबंदी लगा रखी है। मायावती ने कहा था कि मुसलमानों को अपना वोट सपा की बजाए बसपा को देना चाहिए, यूपी में 20 फीसदी मुसलमान वोट काफी निर्णायक भूमिका निभाते हैं, 2012 में मुसलमानों ने सपा को वोट देकर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।

bjp-vs-bsp-in-up

यह भी पढ़ें-  ‘मेकर फेस्ट’ अब पहुंचेगा नेपाल

समाजवादी पार्टी के भीतर मचे घमासान के बीच मायावती सपा से निराश मुस्लिम मतदाताओं को अपनी ओर खींचने की पूरी कोशिश कर रही है और हाल ही में जारी उम्मीदारों की लिस्ट में उन्होंने 97 मुसलमानों को टिकट दिए हैं, लेकिन भाजपा ने मायावती के मुस्लिम वोटों को अपनी ओर खींचने के प्रयास को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना मानते हुए चुनाव आयोग से पार्टी की मान्यता को रद्द करने को कहा है। भाजपा ने चुनाव आयोग से अपील की है कि बहुजन समाज पार्टी की मान्यता को रद्द किया जाए।

यह भी पढ़ें- नोटबंदी के बावजूद, टैक्स कलेक्शन में हुआ इजाफा

आपको बता दें कि मायावती ने रविवार को 97 मुस्लिम उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की थी, इस दौरान मायावती ने कई ऐसे संकेत दिए थे कि वह इस चुनाव में मुसलमानों को अपनी ओर करने की पूरी कोशिश कर रही हैं, उन्होंने साफ किया कि सपा के भीतर चल रही कलह से मुसलमानों का वोट व्यर्थ ना जाए इसलिए बसपा को अपना वोट दें। मायावती ने अपनी अंतिम सूचि में 87 दलितों, 108 ओबीसी उम्मीदवारों को भी टिकट दिया है। अभी तक बसपा कुल 401 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर चुकी है।

यह भी पढ़ें- रार्बट वाड्रा का केंद्र सरकार पर हमला, बोले बैंको से तालमेल नहीं

loading...

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com