आखिर भारत में तेजी से क्यों बढ़ रही है male infertility की समस्या, जानिए ये हैं खास वजह

हिन्द न्यूज़ डेस्क| डब्ल्यूएचओ की एक रिपोर्ट के अनुसार, 1982 और 1985 के बीच 20 फीसदी इनफर्टिलिटी मामलों में पुरुष समस्याओं को श्रेय दिया गया. भारत में इनफर्टिलिटी की स्थिति पर एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 50 फीसदी इनफर्टिलिटी के मामले पुरुष के प्रजनन विसंगतियों या विकारों से संबंधित है. महिलाओं में इनफर्टिलिटी का मुख्य कारण पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिसऑर्डर जबकि पुरुषों में स्पर्म काउंट का खराब होना है.

इस खास जिम के सामान से बनेगा सेक्स और भी स्पाइसी

मेडिकल रूप से जब असुरक्षित संभोग के एक वर्ष के बाद भी कपल गर्भधारण करने में विफल रहते हैं, तो इनफर्टिलिटी की समस्या उठती है. भारतीय समाज में यह एक आम मिथक है कि इनफर्टिलिटी की समस्या हमेशा महिलाओं को होती है. अब इनफर्टिलिटी का मामला केवल महिलाओं से जुड़कर नहीं रह गया है. इस मामले को लेकर पुरुष अब खुद खुलकर सामने आ रहे हैं और टेस्ट करा रहे हैं. पुरुषों के लिए इसकी जांच का एक सिंपल टेस्ट है-सीमेन एनालिसिस. अगर डॉक्टर को कोई भी असामान्यता दिखती है, तो वे रोगी को कुछ समय बाद दोबारा टेस्ट की सलाह देते हैं.

जानिए HIV-positive वाले लोगों को कितने दिनों में एड्स हो सकता है

मेल फर्टिलिटी क्षमता केवल अबनॉर्मल सीमेन एनालिसिस के बाद ही स्थापित की जाती है और इसे कई कारणों से जोड़ा जा सकता है. यह बचपन के इन्फेक्शन, हार्मोन संबंधी विकार, जेनेटिक फैक्टर, शारीरिक असामान्यताओं, धूम्रपान और शराब की खपत, यौन संचारित रोगों और जीवनशैली और तनाव के कारण हो सकता है.

जबकि अन्य कारक एक समान रहते हैं, यह जीवनशैली में बदलाव और तनाव हैं, जो इसके साथ आते हैं जो हाल के दिनों में तेजी से बढ़े हैं. रोजाना के कामों की वजह से लोगों के खाने-पीने की आदतों पर भी बड़ा असर पड़ा है. इसके अलावा फिजिकल एक्टिविटी नहीं करना और जंक फूड का अधिक सेवन करने से भी तनाव बढ़ता है. यह सभी कारक स्मोकिंग और अल्कोहल से जुड़े हैं, जिनसे आपको इनफर्टिलिटी का खतरा अधिक होता है.

loading...

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com