एक्सीडेंट के समय कार में ऐसे काम करते हैं एयरबैग्स, साथ ही जानिये ABS के फायदे

आज कल गाड़ियों में एयरबैग्स अनिवार्य हो चुके हैं, दुर्घटना होने पर एयरबैग्स काफी मददगार साबित होते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं कि कार में एयरबैग्स कैसे काम करते हैं और कैसे ड्राईवर और पैसेंजर की जान बचती है।

ऐसे काम करते हैं एयरबैग्स
भारत सरकार ने एयरबैग जैसे अहम सेफ्टी फीचर को स्टैंडर्ड फीचर में शामिल किया है। सुरक्षा के लिहाज से एयरबैग्स काफी उपयोगी माने गये हैं। अक्सर देखने में आया है कि एक्सीडेंट होने पर ड्राइवर और बगल में बैठे व्यक्ति की मौत हो जाती है। लेकिन अगर कार में ड्राईवर और पैसेंजर साइड एयरबैग्स की सुविधा हो तो इन हादसों के काफी हद तक बचा जा सकता है। कार में टक्कर लगने से ठीक पहले एयरबैग अपने आप खुल जाता है। एयर बैग्स खुलने में एक सेकंड से भी कम समय लगाता है।

एक्सीडेंट की स्थिति में सेंसर एक्टिव होते हैं जिससे है एयरबैग्स को खुलने की कमांड देते हैं, कमांड मिलते ही स्टेरिंग के नीचे मौजूद इन्फ्लेटर एक्टिव हो जाता है। इन्फ्लेटर सोडियम अज़ाइड के साथ मिलकर नाइट्रोजन गैस पैदा करता है। ये गैस एयरबैग्स में भर जाती है जिससे वह फूल जाता है। टक्कर लगने या गाड़ी के पलटने की स्थिति में आपकी बॉडी झटका खाकर एयरबैग से टकराती है जिससे आप बच जातें हैं।

ऑटो एक्सपर्ट की राय

 

ऑटो एक्सपर्ट टूटू धवन बनाते हैं कि अगर आपका बजट है तो आपको एयरबैग्स वाली कार ही खरीदनी चाइये क्योकिं एक्सीडेंट होने की सूरत में आपकी जान बाच सकती है, क्योकिं नॉर्मली सभी लोग हाईवे पर यात्रा करते हैं ऐसे में एयरबैग्स वाली कार बेहद जरूरी होती है, इसके अलावा कई बार हाईस्पीड में ब्रेकिंग लगाने की नौबत आती है तो ऐसे में ABS बहुत मददगार साबित होते हैं।

यह भी जानें 
जैसे हर चीज एक समय सीमा के बाद खराब या इस्तेमाल करने लायक नहीं रह जाती ठीक उसी प्रकार एयरबैग्स भी रिप्लेसमेंट मांगते हैं। हालांकि एयरबैग के फंक्शन के लिए जिन पार्ट्स का इस्तेमाल किया जाता है वे काफी मजबूत होते हैं, लेकिन काफी हद तक एयरबैग इग्नाइटर पर भी निर्भर करता है।

एयरबैग खुलने से भी जाती है जान
टक्कर के बाद एयरबैग के खुलने की रफ्तार करीब 322 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है। कई बार देखने में आया है की इतनी रफ़्तार से एयर बैग के खुलने से लोगों की जान भी गयी है। भारत में राष्ट्रीय राजमार्ग पर बघौला गांव के समीप आगे चल रहे एक कैंटर ने अचानक ब्रेक लगा दी, जिससे पीछे आ रही गाड़ी कैंटर से टकरा गई। दुर्घटना में कार चालक को गंभीर चोटें आईं। दुर्घटना के दौरान गाड़ी में लगा एयर बैग खुलने से उसके तेज प्रेशर से ड्राईवर का लीवर फट गया जिससे उसकी मृत्यु हो गयी।

 

जानिये कार में ABS कैसे काम करता है 
कार में एयरबैग्स कैसे काम करता है इस बारे में हमने विस्तार से जान लिए अब बात करते हैं कि आखिर कार में ABS (एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम)किस तरह से अपना काम करता है। अचानक से ब्रेक लगाने पर ABS फीचर पहियों को लॉक नहीं होने देता इस वजह से ड्राइवर कार पर कंट्रोल नहीं खोता और बिना फिसले और असंतुलित हुए गाड़ी दिशा बदल लेती है और रुक जाती है। जबकि बिना ABS वाली कार में अचानक ब्रेक लगाने से गाड़ी अनियंत्रित होकर अपना संतुलन खो देती है, जिससे दुर्घटना हो जाती है ।

 

ABS का इतिहास 
एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम साल 1929 मे Aircraft के लिए डिजाईन किया गया था लेकिन कारों में इसका इस्तेमाल सबसे पहले 1966 मे किया गया था ।धीरे-धीरे 1980 के बाद से ABS को कार मे लगाया जाने लगा और आज की तारीख मे ABS System इतना Popular है की हर नयी कारो मे आपको ABS System मिल जाएगा ।

loading...

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com