कागजों पर ही नजर आते हैं नैनी के तालाब, अतिक्रमण के शिकार

नैनी के चकदाउद नगर, महरा का पूरा के बीच कई बीघे में तालाब था, जिसे कई साल पहले पाट कर मकान बनवा दिए गए। नगर निगम के कार्यालय के समीप होने के बावजूद कोई रोकटोक नहीं की गई। वर्ष 2006 और 2017 में तालाब पर बसे करीब 54 लोगों को अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस दिया गया। मकानों का चिह्नीकरण भी किया गया। नोटिस जारी होने से वहां रह रहे लोगों में हड़कंप मच गया, जिसका दलालों ने जमकर फायदा उठाया। जब नोटिस जारी हुई तो मकान बचाने के नाम पर दलालों ने जमकर पैसे वसूले। और हुआ भी वहीं जो लोग चाहते थे। सारे फरमान ठंडे बस्ते में चले गए। 

…यहां लगता था नागपंचमी का मेला 

काटन मिल की दीवार के समीप मीरजापुर मार्ग पर करीब 30 बीघे में गुडिय़ा का तालाब था। तालाब के चारों ओर आठ फीट ऊंची दीवार बनाई गई थी। दीवार से पानी तक पहुंचने के लिए सीढ़ी भी थी। नागपंचमी के दिन मेला लगता था। दूरदराज के गांवों से आए लोग वहां गुडिय़ा पीटते और दंगल का आनंद लेते थे। नामी गिरामी पहलवान यहां कुश्ती लड़ते थे। 1998 में उक्त तालाब को पाटकर सब्जी मंडी आबाद कर दी गई। उस दौरान इसका जमकर विरोध हुआ था, लेकिन प्रशासन के आगे किसी की नहीं चली।

ददरी तालुका तालाब से कब्जा हटवाने का हुई थी प्रशासनिक कवायद 

ददरी तालुका में स्थित तालाब को भी पाटकर मकान बनवा लिए गए। इन भवनों को गिराने के लिए पिछले महीने अधिकारी जुटे थे, लेकिन बाद में वापस चले गए। यहां भूमाफिया ने जमकर खेल खेला। कई बीघे में स्थित तालाब का अब नामोनिशान नहीं बचा है। कमोवेश यही स्थिति बसंत का पूरा गांव में स्थित तालाब का है। तालाब को पूरी तरह से पाट दिया गया। परिणाम स्वरूप लोगों के घरों से निकला गंदा पानी गांव के रास्तों पर जमा है। जलभराव की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने 30 मई को नैनी थाने का घेराव करते हुए एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपा था।

loading...
error: Content is protected !!

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com