कालाष्टमी पर करें इन मन्त्रों का जाप, होगा लाभ ही लाभ

बात करें हिंदू धर्म की तो इसमें काल भैरव को भगवान रुद्र यानि भगवान शंकर का रूप माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि कालाष्टमी के दिन किए जाने वाले विशेष उपाय अवश्य सिद्ध होते हैं और इस बार ये दिन कल यानि 25 जून को मनाया जा रहा है। ऐसे में जो कोई व्यक्ति काल भैरव के बटुक भैरव, महाकाल भैरव तथा स्वर्णाकर्षण भैरव की पूजा करता है उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी होती है. कहा जाता है भैरव के सभी रूपों में बटुक भैरव की उपासना अधिक प्रचलित है और ऐसी मान्यता है कि इस दिन कुत्ते को भी भरपेट भोजन कराना चाहिए उसे दुत्कारना नहीं चाहिए। कहा जाता है इस दिन भैरवनाथ को चने-चिरौंजी, पेड़े, काली उड़द और उड़द से बने मिष्‍ठान्न इमरती, दही बड़े, दूध और मेवा का भोग लगाना लाभकारी है इससे भैरव प्रसन्न होते है।

आप सभी को बता दें कि भैरव शब्द के तीन अक्षरों में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों की शक्ति समाहित है और भैरव शिव के गण और पार्वती के अनुचर माने जाते हैं। वहीं काल भैरवाष्टमी के दिन मंदिर जाकर भैरव के दर्शन करने से पूर्ण फल की प्राप्ति होती है और उनकी प्रिय वस्तुओं में काले तिल, उड़द, नींबू, नारियल, अकौआ के पुष्प, कड़वा तेल, सुगंधित धूप, पुए, मदिरा, कड़वे तेल से बने पकवान दान किए जा सकते हैं। कहा जाता है उन्हें जलेबी एवं तले पापड़ या उड़द के पकौड़े का भोग लगाने से जीवन के हर संकट दूर होकर मनुष्य का सुखमय जीवन व्यतीत होता है. इसी के साथ आपको उनकी पूजा में इन मन्त्रों का जाप करना चाहिए क्यूंकि यह मंत्र उन्हें खुश करते हैं.

 

मंत्रः 

1. ‘ॐ कालभैरवाय नम:’
2. ‘ॐ भयहरणं च भैरव:’

3. ‘ॐ भ्रां कालभैरवाय फट्‍’

4. ‘ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरू कुरू बटुकाय ह्रीं’

5. ‘ॐ हं षं नं गं कं सं खं महाकाल भैरवाय नम:’

 

इन मन्त्रों का जाप कर आप सब कुछ हांसिल कर सकते हैं.

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