क्या आपको भी सुहागरात में इन समस्याओं का सामना करना पड़ा

हिन्द न्यूज़ डेस्क| हमारी शादी एक प्रतीकात्मक भारतीय शादी थी एक हफ्ते का अफेयर, रिश्तेदारों की भीड़ और सुहागरात पर शर्माना मनाना करते हुए सेक्स बहुत सारे और युगलों की तरह हमारी सुहागरात भी हमारी पहली बार सेक्स अनुभव करने वाली रात थी, और हम बहुत डरे हुए और घबराये हुए थे.

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सुहागरात की उदासी

मैंने बहुत तरह की चीज़ें सोच रखी थी और बहुत सारी चीज़ों की कल्पना भी करी हुई थी. पहली बार सेक्स का अनुभव कैसा होगा, वो कैसी लगेगी, मैं क्या कहूँगा इत्यादि.  मैंने किताबें पढ़ी थी, फिल्में भी देखी थी, दोस्तों को बातें करते हुए सुना था और अब मेरी बारी थी. लेकिन उस रात, हालाँकि मैं बहुत उत्साहित था, लेकिन मुझे लिंग तनाव में बहुत परेशानी हुई. मेरा लिंग ठीक से उत्तेजित ही नहीं हो पा रहा था. मैं नर्वस था और अटक-अटक कर बात करने लगा. मुझे अपने पहले सेक्स अनुभव की परफॉरमेंस को लेकर बहुत घबराहट हो रही थीय

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मैं बहुत ही ज़्यादा शर्मिंदगी महसूस कर रहा था. मुझे ऐसा लग रहा था जैसे की मेरी मर्दानगी पर सवाल उठ रहा हो. मेरी पानी राशि मुझे और मेरी परेशानी को अच्छे से भांप गयी थी. उसने मुझे कहा की मुझे चिंता नहीं करनी चाहिए. और उसने मुझे ये भी कहा की शायद बहुत सारे लोग सुहागरात पर सेक्स नहीं करते होंगे.  उसका कहना था की “आखिर शादी की भाग-दौड़ और थकावट के बाद किसी के भी पास सेक्स करने की हिमायत कहाँ रहती होगी?”शायद उसकी बात सही थी लेकिन मेरे लिए मेरी सुहागरात मेरी सबसे गन्दी रात थी. मुझे बहुत ही छोटा महसूस हुआ था उस दिन और उस रात के बाद अगला दिन तो और भी घटिया था क्यूंकि सभी लोग एक ही सवाल पूछ रहे थे. “कैसी रही सुहागरात? आखिर क्या-क्या हुआ

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ज़िन्दगी मिली

और यह सिलसिला हमारे हनीमून पर और उसके बाद भी चलता रहा. हमारे हनीमून के दौरान, राशि और मैंने फैसला किया की हम अपना घूमना-फिरना खूब मस्ती करेंगे और सेक्स के बारे में सोच कर स्ट्रेस नहीं लेंगे. ये एक फिएस्ला था जिसने हमारे रिश्ते को और मज़बूत बनाया. हमने वो समय एक दूसरे को समझने में बिताया और एक दूसरे का साथ हमे बहुत अच्छा लगने लगा.फिर, हमने शादी के कुछ सालों बाद तक सेक्स की कोशिश जारी रखा, लेकिन कहीं ना कहीं सेक्स की चाह भी काम हो गयी थी. धीरे -धीरे ज़िन्दगी आगे बढ़ती गयी और फिर काम, घर की ज़िम्मेदारियों में ही हमारा पूरा ध्यान लग गया. हमने अपनी सेक्स परेशानी पर ध्यान देना छोड़ दिया. और हम खुद अपने-आप को कोई न कोई बहाना देने लगे जैसे स्ट्रेस, समय की कमी, और फिर इस बारे में हमने बात करनी ही बंद कर दी.

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