जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने भी यहां रोहिंग्या के बसे होने की पुष्टि की

 जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने भी यहां रोहिंग्या के बसे होने की पुष्टि की है. न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक सत्यपाल मलिक ने कहा कि रोहिंग्या की पहचान के लिए बायोमेट्रिक्स की मदद ली जा रही है. उन्होंने बताया कि दो महीने के भीतर जम्मू कश्मीर में आकर बसे रोहिंग्या की पहचान कर ली जाएगी. राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि किश्तवाड़ में बीजेपी नेता की हत्या करने वाले आतंकवादियों की पहचान कर ली गई है. जम्मू कश्मीर में शांतिपूर्ण तरीके से पंचायत चुनाव हो रहे हैं. इस बात से आतंकी परेशान हैं. वहीं सुरक्षाकर्मियों का मनोबल बढ़ा है.

मालूम हो कि केंद्रीय खुफिया एजेंसी आईबी की एक रिपोर्ट के मुताबिक जम्मू कश्मीर के कारगिल में रोहिंग्या के होने की जानकारी मिली है. रिपोर्ट के मुताबिक करीब 53 रोहिंग्या के होने की जानकारी मिली है, जो कारगिल में रह रहे हैं. देखा जाए तो लाइन ऑफ कंट्रोल के नजदीक पड़ने वाला कारगिल सुरक्षा के लिहाज़ से काफी संवेनदशील है. भारतीय सेना पाकिस्तान की तरफ से होने वाले किसी भी जवाबी कार्रवाई के लिए हर वक़्त तैयार रहती है, ऐसे में जब से एन इलाकों में रोहिंग्या के होने की खबर मिली है सुरक्षा एजेंसियां हरक़त में आ गयी है.

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, ‘कारगिल में कुल 53 रोहिंग्या के होने की खबर है, हालांकि इनमे से कई सड़क निर्माण के काम में मजदूर के तौर पर काम कर रहे हैं, लेकिन हम उनके मूवमेंट पर लगातार नज़र रखे हुए हैं.

कुछ दिनों पहले पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले में भी बड़ी संख्या में रोहिंग्या के बसने की जानकारी सामने आई थी. रिपोर्ट के मुताबिक 24 परगना जिले में बड़ी संख्या में रोहिंग्या को बसाने के लिए साजिश रची जा रही है. Zee News ने एक खबर दिखाई थी कि 24 परगना में 29 रोहिंग्या को बसाया गया है, लेकिन अब यह संख्या 100 के पार हो चुकी है. कई ऐसे ग्रुप का भी पता लगाया गया है, जो बांग्लादेश में रह रहे रोहिंग्या को पश्चिम बंगाल में घुसाने की साजिश रच रहे हैं. यही नहीं कई ऐसे इस्लामिक संगठन की भी जानकारी मिली है, जो देश भर में रोहिंग्या के लिए फंड इकट्ठा कर रहे हैं और बंगाल के कुछ इलाकों में उनके लिए कच्चे और पक्के घर बनाए जा रहे हैं.

गृह मंत्रालय को भेजी खुफिया रिपोर्ट से इस बात का खुलासा हुआ है कि पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले में देश भर में रह रहे हजारों रोहिंग्या को बसाने की साजिश रची जा रही है. ZEE न्यूज के पास मौजूद खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक करीब ऐसे 40 सगठनों की पहचान की गई है, जो इन रोहिंग्या को बसाने के लिए देशभर से पैसे इकट्ठे कर रहे हैं. 

रोहिंग्या को बसाने के लिए की जा रही गुप्त बैठकें
रिपोर्ट के मुताबिक बंग्लादेश, जम्मू कश्मीर, हैदराबाद समेत देश के दूसरे राज्यों में रहने वाले रोहिंग्या लोगों से अपील की जा रही है कि वो 24 परगना में आकर रहें. रोहिग्यां को बसाने के लिए इन 40 संगठनों ने पिछले कुछ दिनों में ही देश के अलग-अलग हिस्सों में करीब 50 बार से ज्यादा गुप्त बैठक की हैं. 

गृह मंत्रालय को भेजी गई खुफिया रिपोर्ट में ये कहा गया है कि 29 रोहिग्यां ने 24 परगना जिले के इन इलाकों में रहना शुरू कर दिया है. रोहिग्यां को बसाने के लिए हज़ारों की संख्या में नये घर बनाने का काम शुरू किया गया है. रोहिंग्या की मदद के लिए इन संगठनों ने गांवों में रह रहे लोगों से कहा है कि वह अपनी जमीन रोहिंग्या को दान करे, जिससे उन्हें बसाया जा सके.

खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि रोहिंग्या की मदद के लिए कई जगहों पर ये संगठन पैसे इकट्ठे कर रहे हैं और इन लोगों को भारत की नागरिकता दिलाने की मांग कर रहे हैं. जम्मू, हैदराबाद, बांग्लादेश में रह रहे रोहिंग्या से कहा जा रहा है कि अगर वो देश के किसी भी हिस्से में सुरक्षित महसूस न कर रहे हो तो वो पश्चिम बंगाल में आ सकते हैं. फिलहाल करीब 5 हज़ार रोहिंग्या को बसाने के लिए जमीन और घर की व्यवस्था की जा रही है.

गृह मंत्रालय को भेजी गई रिपोर्ट के मुताबिक बंग्लादेश में रह रहे रोहिंग्या भारत बंग्लादेश की सीमा पर मौजूद एजेंटो के जरिये देश में लगातार घुसपैठ कीसाजिश में लगे हुए हैं. पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश से सटे इलाकों में रोहिंग्या की मूवमेंट पर खुफिया एजेंसियां लगातार नज़र रखे हुए हैं. कई ऐसे मामले भी सामने आ रहा हैं, जहां पर ऐसे एजेंट्स पैसे लेकर रोहिंग्या को भारत मे घुसा रहे हैं.

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