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जानें- उस दीवार के बारे में, जिसकी वजह से US में कामकाज है ठप!

अमेरिका में पिछले कई दिनों से शटडाउन चल रहा है, यानी सरकार का कामकाज ठप पड़ा है. तीन हफ्ते से ऐसा चल रहा है. इस वजह से हजारों फेडरल कर्मचारियों को 22 दिसंबर से सैलरी नहीं मिली है. शटडाउन से सरकारी खजाने को भी काफी नुकसान हो रहा है. इसकी वजह है एक दीवार, जिसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को बजट चाहिए. 

यह दीवार अमेरिका के मैक्सिको के साथ लगी सीमा पर बनाई जानी है. राष्ट्रपति मैक्सिको-अमेरिकी सीमा पर दीवार बनाने के लिए अरबों डॉलर का अनुदान की मांग कर रहे हैं. दूसरी ओर सरकारी कर्मचारियों को वेतन देने और विभिन्न विभाग चलाने के लिए अनुदान मांग से जुड़ा विधेयक पारित नहीं हो पा रहा है. 

इस कारण सरकारी कामकाज लगभग तीन हफ्ते से आंशिक रूप से ठप पड़ा है. बता दें कि अगस्त 2018 में अमेरिकी  सीनेट ने एक बिल पास किया, जिसमें 850 बिलियन डॉलर फेडरल गवर्नमेंट के खर्च के लिए पास किए गए थे. हालांकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बिल में 5.7 बिलियन डॉलर इस दीवार को बनाने के लिए मांगे थे. ट्रंप अपनी मांग पर डटे हैं, जिसकी वजह अमेरिका में आंशिक शटडाउन है. 

इस शटडाउन में हजारों सरकारी कर्मचारियों अस्थायी और अवैतनिक छुट्टियां लेनी होंगी. हालांकि कस्टम और बॉर्डर स्टाफ अपना काम जारी रखेगा लेकिन उन्हें वेतन देर से मिलेगा. नेशनल पार्कों के 80 फीसदी कर्मचारियों को छुट्टी पर भेज दिया जाएगा. कुछ पार्क बंद भी हो सकते हैं.जानें- उस दीवार के बारे में, जिसकी वजह से US में कामकाज है ठप!

क्यों दीवार बनाने के मांग कर रहे हैं ट्रंप?
यह दीवार बनाना डोनल्ड ट्रंप के अहम चुनावी वादों में है. अब अमेरिका मैक्सिको के साथ लगी अपनी सीमा पर कंक्रीट की दीवार बनाने की बजाय  स्टील का एक अवरोधक बनाने पर विचार कर रहा है. डोनाल्ड ट्रंप ने दिसंबर में एक ट्वीट के जरिए इसकी तस्वीर भी साझा की थी. दरअसल ट्रंप इस दीवार के जरिए मैक्सिको से होने वाले गैर-कानूनी माइग्रेशन को रोकना चाहते हैं.

हाल ही में उन्होंने एक वीडियो भी शेयर किया था, जिसमें कहा गया था कि कुछ लोग सीमा में प्रवेश करने की कोशिश करते दिख रहे थे. वीडियो में ट्रंप कहते हैं, “हम उन्हें अमरीका में नहीं चाहते थे. हम उन्हें अपने देश में नहीं चाहते.” हालांकि अपने चुनाव प्रचार में ट्रंप ने कहा था कि वह दीवार की लागत मेक्सिको से वसूल करेंगे, जिसके लिए मेक्सिको अब मना कर रहा है. अब ट्रंप सीमा पर दीवार बनाने के लिए पांच अरब डॉलर से ज्यादा धन मुहैया कराये जाने की मांग कर रहे हैं.

क्या है इस दीवार में खास
बता दें कि अमेरिका-मेक्सिको बॉर्डर 1954 माइल्स लंबा है, जो कि प्रशांत महासागर से गल्फ ऑफ मेक्सिको तक है. इसमें 1200 माइल्स टेक्सास में है. अभी बॉर्डर पर नेशनल गार्ड तैनात हैं, जो यहां निगरानी करते हैं. इस दीवार बनने की लागत 8 बिलियन डालर से 67 बिलियन डॉलर तक मानी जा रही है. इस दीवार का मकसद अवैध प्रवासियों और नशीले पदार्थों को अमेरिका में आने से रोकना है.

इस कीमत को लेकर ट्रंप मानते हैं कि यह पैसा इनडायरेक्टली मेक्सिको से ही मिलेगा. 2017 के बजट के रिसर्च में बताया गया था कि इसकी प्लानिंग में ही सिर्फ 2.6 बिलियन डॉलर लगेगा. इसलिए यह खर्चा काफी बढ़ सकता है. करीब 1,100 किलोमीटर पर अब तक बाड़ लगाई जा चुकी है. यह सीमा चार अमेरिकी और छह मेक्सिकन राज्यों से होकर गुजरती है. कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि हर साल करीब साढ़े तीन लाख अवैध प्रवासी अमेरिका में दाखिल होते हैं. 

क्या हो पाएगा फायदा
कई जानकारों का कहना है कि इससे ड्रग तस्करी में कोई फायदा नहीं होगा, लेकिन इससे गैरकानूनी रूप से आने वाले लोगों का प्रवेश रुक सकता है. 

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