जीएसटीएन को सरकारी इकाई बनाने को कैबिनेट ने दी मंजूरी

कैबिनेट ने बुधवार को जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) को एक सरकारी कंपनी बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। यह जानकारी केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने दी है। जीएसटीएन को 100 फीसद सरकारी कंपनी बनाने के प्रस्ताव को जीएसटी काउंसिल पहले ही मंजूरी दे चुकी है।

कैबिनेट मीटिंग में लिए गए इस फैसले के बारे में पत्रकारों से बात करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इस इकाई में 50 फीसद हिस्सेदारी केंद्र सरकार की जबकि बाकि की हिस्सेदारी प्रो-रेटा आधार पर राज्य सरकारों की होगी।

वर्तमान समय में केंद्र और राज्य मिलकर इसमें 49 फीसद की हिस्सेदारी रखते हैं। जीएसटी नेटवर्क के पास अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में आईटी ढांचा उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी है। इसमें बाकी की 51 फीसद हिस्सेदारी में पांच वित्तीय संस्थान शामिल हैं जिसमें एचडीएफसी लिमिटेड, एचडीएफसी बैंक लिमिटेड, आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड, एनएसई स्ट्रैटजिक इन्वेस्टमेंट कंपनी और एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड शामिल है।

जीएसटीएन की स्थापना एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के तौर पर 28 मार्च 2013 को यूपीए कार्यकाल के दौरान हुई थी। यह नए कंपनी अधिनियम की धारा 8 के तहत एक कंपनी है और इसलिए यह एक गैर-लाभकारी इकाई है। गौरतलब है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को 1 जुलाई 2017 को देशभर में लागू कर दिया गया था।

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