देश को मिला प्रधानमंत्री मोदी के नाम का पहला मोहल्ला, जानें कहां है ये

हिन्द न्यूज़ डेस्क। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में इन दिनों मोदी फलिया (मोहल्ला) की काफी चर्चा हो रही है. संभवत: यह देश का पहला मामला है, जब किसी मोहल्ले का नाम खुद लोगों ने प्रधानमंत्री के नाम पर रखा हो. मोदी फलिये की पूरी कहानी आपको बताएं उसके पहले यह जानना जरूरी है कि झाबुआ जिले में मोहल्ले को फलिया कहा जाता है, जहां 20 से लेकर 100 तक मकान होते हैं.

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कालाखूंट पंचायत के इस मोहल्ले में एक साथ 48 परिवारों के को घर की सौगात मिली है. बारिश में टपकने वाले खपरैल की जगह पक्के मकानों ने ले ली है. इनमें से 36 मकानों का काम लगभग पूरा हो चुका है, जबकि 12 मकानों का काम चल रहा है. कच्चे मकानों से छुटाकारा दिलाने में इन लोगों के लिए मोदी सरकार की आवास योजना ने बड़ी भूमिका निभाई है. इसलिए भगत मोहल्ला के लोगों ने अपने मोहल्ले का नाम ‘मोदी मोहल्ला’ कर दिया है.

मोदी फलिया झाबुआ से 20 किलोमीटर दूर इंदौर-अहमदाबाद मार्ग पर स्थित है. गुजरात की सीमा भी यहां से सटी हुई है. कालाखूंट गांव की आबादी करीब 3500 है. पहले चरण में करीब 265 मकानों को आवास योजना में मंजूरी मिली. इसके बाद कच्चे टापरों (झोपड़ी) का पक्के मकानों में बदलने का काम शुरू हुआ. दो अक्टूबर से पहले तक मोदी फलिया भगत फलिया के नाम से जाना जाता था, लेकिन फलिये में एक साथ 48 मकानों के बनने से ग्रामसभा में ग्रामीणों ने प्रस्ताव रखकर मोहल्ले का नाम देश के प्रधानमंत्री के नाम पर कर दिया.

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गांव के सरपंच गांव में पक्के मकानों से लोगों के चेहरे पर खुशी को देखकर गदगद हैं. सरपंच अगले चरणों में पंचायत के सभी लोगों को पक्के मकान दिलाकर इसे मोदी पंचायत बनाने का सपना देख रहे हैं.

मोदी सरकार की इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए कालाखूंट गांव के सरपंच-सचिव ने भी काफी सक्रियता दिखाई. यही कारण है कि जहां कभी इस गांव में कच्चे मकान दिखते थे, वहां अब पक्के मकान दिखने लगे हैं.

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