पित्त की बीमारी में लाभकारी है जीरे का सेवन

जीरे का इस्तेमाल घर में तो किया ही जाता है लेकिन साथ ही इसका इस्तेमाल आपकी सेहत में भी किया जाता है. ये कई बीमारी को दूर कर देता है. ज्यादातर 14 से 40 साल की उम्र वालों को पित्त के रोग (Bile Disease) से जूझ रहे होते हैं. मुंह से निकलने वाले बलगम को पित्त और नाक से निकलने वाले बलगम को कफ कहते हैं. कई बार पित्त बिगड़ने से पेट में गैस बन जाती है और इसकी वजह से सिर दर्द होने लगता है. इसे दूर करने के लिए आप कई जीरे का उपयोग कर सकते हैं. 

बार-बार पेट में दर्द होना, पेट में जलन होना, खट्टी डकारें आना, उल्टी होना, भोजन नहीं पचना, बार-बार उबासी आना, यह सभी पित्त के रोगों के लक्षण हैं. बता दें, जीरा आपको इनसे निजात दिला सकता है.

अगर इन रोगों से पीड़ित हैं तो जरा से जीरे का यह प्रयोग आपकी बीमारी को जड़ से खत्म कर सकता है. सबसे पहले आप आधा कप पानी को उबाल लीजिए, इसके बाद इसमें आधा चम्मच जीरा डालिए.

पानी को ठंडा करने के बाद इसे चाय की तरह पीजिए. पानी में मिला हुआ जीरा चबाकर खा लीजिए. नियमित रूप से इस उपाय को करने से पित्त के सभी रोग खत्म हो जाते हैं. इस उपाय को करने से आप एसिडिटी की समस्या से भी मुक्त हो सकते हैं.

जो लोग दिल संबंधी बीमारियों से जूझ रहे होते हैं, उनके लिए जीरा किसी अमृत की तरह होता है. नियमित रूप से जीरा खाने से शरीर में कॉलेस्ट्रॉल का लेवल कम होता है. डायबिटीज से पीड़ित लोगों के शरीर में ग्लूकोज का स्तर सामान्य रहता है. त्वचा संबंधी बीमारियों, मांसपेशियों का दर्द, खून की कमी, ब्लड प्रेशर, बुखार और शारीरिक दुर्बलता जैसी बीमारियों के लिए भी जीरा रामबाण इलाज है.

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