पीढ़ियों से रामलीला का आयोजन कर रहा है ये मुस्लिम परिवार, कोई बनता है राम, तो कोई लक्ष्मण

राजधानी दिल्ली में लवकुश रामलीला की धूम मची हुई है, तो कोलकाता में दुर्गा पूजा का खुमार सिर पर चढ़कर बोल रहा है.

तीन पीढ़ियों से कर रहे हैं रामलीला का मंचन

Ramlila staged for three generations

वहीं, लखनऊ में एक मुस्लिम परिवार सबके लिए मिसाल के तौर पर उभरा हुआ है. नवाबी नगरी लखनऊ में एक मुस्लिम परिवार अपनी तीन पीढ़ियों से रामलीला का मंचन कर रहा है. लखनऊ के बख्शी का तालाब इलाके में रहने वाले इस परिवार के सभी सदस्य हर साल रामलीला में बढ-चढ़कर हिस्सा लेते हैं और खूब मस्ती करते हैं.

1972 में शुरू हुआ था मंचन

Ramleela Was staged in 1972

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस परिवार ने रामलीला का मंचन साल 1972 में शुरू किया था. साल 1972 में डॉ मुजफ्फर हुसैन और मैकूलाल यादव ने लखनऊ की जिस गंगा जमुनी तहजीब को बक्शी का तालाब में संजोने का काम शुरू किया वो आज साबिर और उनकी अगली 2 पीढ़ियों तक बदस्तूर जारी है. देश में कई जगहों की तरह लखनऊ की बख्शी का तालाब की रामलीला दशहरे के दिन से शुरू होकर 3 दिनों तक चलती है जिसे देखने हजारों की संख्या में लोग आते हैं. 

13 साल की उम्र से निभा रहे हैं रामायण का किरदार

Ramayana's character from 13 years of age

साबिर बक्शी के तालाब क्षेत्र के रुदही गांव में रहने वाले वो शख्स है जिन्होंने मात्र 13 साल की उम्र में ही रामलीला के मंचन में खुद का अभिनय करने की ठानी थी तब नन्हे साबिर को जटायु का किरदार मिला, उसके बाद लगातार कभी राम, कभी लक्ष्मण कभी दशरथ जैसे रामायण के लगभग सभी किरदार निभाते आ रहे हैं. अब वही इस रामलीला के डॉयरेक्टर भी हैं.

ईश्वर के बच्चे हैं हिंदू और मुस्लिम..

The children of God are Hindus and Muslims ..

आज साबिर के लड़के सलमान और अरबाज जहां राम और लक्ष्मण का रोल अदा करते हैं तो उनके दूसरे बेटे शेरखान जनक और नवासा साहिल बचपन के राम का किरदार निभाते हैं. इस परिवार की खास बात ये है कि इन्हें सिर्फ कुरान की आयातें ही याद नहीं है बल्कि रामायण की चौपाइयां भी कंठस्थ याद है. अपनी तीसरी पीढ़ी को रामलीला का मंचन करते हुए देख साबिर बताते हैं कि बाबरी विध्वंस के वक्त जब मस्जिद और मंदिरों पर हमले हो रहे थें तब भी बक्शी का तालाब क्षेत्र की रामलीला का मंचन मुसलमानों ने ही किया था जिसे देखने दोनों धर्मों के लोग आते थे. आज भी यहां पर हजारों की संख्या में लोग रामलीला देखने के लिए आते हैं. उन्होंने कहा कि जो लोग हिंदू-मुस्लिम में भेदभाव करते हैं वह देश को पीछे ले जाने का काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हिंदू या फिर मुस्लिम सब ईश्वर के ही बच्चे हैं.

loading...

Powered by themekiller.com anime4online.com animextoon.com apk4phone.com tengag.com moviekillers.com