पीपल की पूजा के बाद करें ये उपाय, शनि की साढ़ेसाती और ढय्या के साथ दूर होगा बुरा समय

हिन्द न्यूज़ डेस्क| भगवान की पूजा के साथ ही पीपल की पूजा करने से भी सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति हो सकती है. महाभारत में श्रीकृष्ण ने पीपल को उन्हीं का एक स्वरूप है. इसीलिए पीपल की पूजा से वैसा ही फल मिलता है जैसा श्रीकृष्ण की पूजा से मिलता है. श्रीकृष्ण भगवान विष्णु के अवतार हैं, इस कारण पीपल की पूजा से देवी लक्ष्मी की कृपा भी मिलती है. यहां जानिए पीपल पूजा की सामान्य विधि और कुछ उपाय.

पीपल की पूजा

पीपल की पूजा करने के लिए सूर्योदय के पहले उठें और दैनिक कार्यों के बाद सफेद कपड़े पहनें. इसके बाद किसी ऐसे स्थान पर जाएं, जहां पीपल हो. पीपल की जड़ में गाय का दूध, तिल और चंदन मिला हुआ पवित्र जल चढ़ाएं. जल चढ़ाने के बाद जनेऊ फूल व प्रसाद और अन्य पूजन सामग्री चढ़ाएं. धूप-बत्ती व दीप जलाएं. आसन पर बैठकर या खड़े होकर मंत्र जाप करें. अपने इष्ट देवी-देवताओं का स्मरण भी करना चाहिए.

ये हैं पीपल के उपाय

1. मान्यता है कि पीपल का पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने वाले व्यक्ति की कुंडली के सभी ग्रह दोष शांत हो जाते हैं.  जैसे-जैसे पीपल बड़ा होगा, आपके घर-परिवार में सुख-समृद्धि बढ़ती जाएगी.

2. यदि कोई व्यक्ति किसी पीपल के नीचे शिवलिंग स्थापित करता है और नियमित रूप से उस शिवलिंग का पूजन करता है तो सभी समस्याएं समाप्त हो सकती हैं। इस उपाय से बुरा समय धीरे-धीरे दूर हो सकता है.

3. शनि दोष, शनि की साढ़ेसाती और ढय्या के बुरे प्रभावों को दूर करने के लिए प्रति शनिवार पीपल पर जल चढ़ाकर सात बार परिक्रमा करनी चाहिए.

4. शाम के समय पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक लगाना चाहिए.

5.पीपल के नीचे बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करें, इस उपाय से हनुमानजी प्रसन्न होते हैं और कार्यों में आ रही बाधाएं दूर हो सकती हैं.

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