लघु उद्यमियों को मिलेगा रोजगार, एनसीजेडसीसी की आमदनी बढ़ेगी

उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) में अब पूरे साल मेलों का आयोजन किया जाएगा। अभी तक वर्ष में एक बार शिल्प मेला लगता था, लेकिन अब इसमें तब्दीली की जा रही है। प्रत्येक 15 दिन या एक माह के कांट्रैक्ट पर अलग-अलग संस्थाओं को परिसर में बाजार लगाने की अनुमति दी जाएगी। इससे एनसीजेडसीसी की आमदनी बढऩे के अलावा लघु उद्यमियों को ग्राहक और अन्य लोगों को रोजगार के अवसर सुलभ होंगे।

अभी तक एक पखवाड़े की ही सुविधा

शिल्प मेले में शहर के लोगों को विभिन्न प्रदेशों की लोक संस्कृतियों का संगम और वहां के वस्त्र, घरेलू सजावटी सामान, क्षेत्रीय खाद्य सामग्री, श्रृंगार सामग्री, हस्तनिर्मित झोले, लकड़ी की मेज कुर्सियां व सोफे समेत अन्य दैनिक उपयोग के सामान देखने व खरीदने को मिलते हैं। हालांकि यह सब साल में एक बार ही मेले में दिखता है। वह भी बमुश्किल 10-15 दिनों के लिए ही। इसके बाद यहां के शिल्प बाजार वाले स्थान पर बनी 40 पक्की दुकानें अगले 11 माह से ज्यादा समय तक खाली और अनुपयोगी रहती हैं।

बोले एनसीजेडसीसी के निदेशक, एक स्थान पर बाजार उपलब्ध रहेगा

एनसीजेडसीसी के निदेशक इंद्रजीत ग्रोवर कहते हैं कि शिल्प बाजार वाले स्थान को अब साल भर तक उपयोगी बनाएंगे। अलग-अलग कला व सांस्कृतिक गतिविधियों वाली संस्थाओं को यहां बाजार लगाने की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए योजना बना ली गई है। बताया कि इसमें उत्तर प्रदेश के अलग-अलग स्थानों के अलावा अन्य राज्यों की संस्थाएं भी शामिल होंगी। बताया कि इस योजना पर अमल होने से कई फायदे होंगे। सांस्कृतिक संस्थाओं के माध्यम से लघु उद्यमियों को यहां ग्राहक मिलेंगे। लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और शहर के लोगों को एक स्थान पर आकर्षक बाजार उपलब्ध हो जाएगा।

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