सरकारी कंपनी एयर इंडिया ने जेट एयरवेज के विमानों का इस्तेमाल करने में रुचि दिखाई है

बंदी की कगार पर पहुंच चुकी विमानन कंपनी जेट एयरवेज के कर्जदाता अब कंपनी के 16 विमानों का इस्तेमाल करने के तरीकों पर विचार कर रहे हैं। सूत्रों ने कहा कि वे कंपनी के एयरपोर्ट स्लॉट्स जैसी मूल्यवान संपत्तियों को बचाने के लिए भी अधिकारियों से चर्चा कर रहे हैं। बैंक जहां एक ओर कंपनी को बेचने की प्रक्रिया पर काम कर रहे हैं, वहीं वे कंपनी के उपलब्ध संसाधनों से पूंजी जुटाने की भी कोशिश कर रहे हैं।

पूंजी के अभाव में बुधवार को परिचालन स्थगित करने से जेट एयरवेज के 20,000 से अधिक कर्मचारी सड़क पर आ गए हैं। सरकारी कंपनी एयर इंडिया ने जेट एयरवेज के विमानों का इस्तेमाल करने में रुचि दिखाई है। इस्तेमाल होने से विमान सही हालत में रहेंगे और आय भी होगी।

विमान लेने के लिए लोहानी एसबीआइ प्रमुख से मिले: एयर इंडिया के पांच बोइंग 777 विमान पर लीज पर लेने के प्रस्ताव के साथ शुक्रवार को एयर इंडिया के चेयरमैन अश्वनी लोहानी ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) के चेयरमैन रजनीश कुमार से चर्चा की। सूत्रों ने कहा कि एयर इंडिया के दिल्ली स्थित मुख्यालय एयरलाइन हाउस में एक घंटे से अधिक यह मुलाकात चली। लोहानी का प्रस्ताव कंपनी के बोर्ड में पास होने पर इसे अंतिम मंजूरी के लिए नागर विमानन मंत्रालय के पास भेजा जाएगा। एयर इंडिया के बोर्ड की अगली बैठक इसी महीने 27 तारीख को होने वाली है।

सरकार से जेट का अधिग्रहण करने का आग्रह: ऑल इंडिया बैंक एंप्लाईज एसोसिएशन (एआइबीईए) के महासचिव सीएच वेंकटचलम ने कहा कि यदि एयर इंडिया जेट एयरवेज का अधिग्रहण कर लेती है, तो मुनाफे वाले कई अंतरराष्ट्रीय मार्ग एयर इंडिया के खाते में आ जाएंगे। उनके यूनियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उनसे आग्रह किया है कि यदि जेट एयरवेज को खरीदने के लिए कोई आगे नहीं आता है, तो सरकार उसका अधिग्रहण कर ले। इससे हजारों कर्मचारियों का रोजगार और भविष्य सुरक्षित हो जाएगा।

कर्मचारियों को मीडिया से बात नहीं करने का सुझाव: इस बीच जेट एयरवेज ने अपने कर्मचारियों को पत्र लिखकर उनसे आग्रह किया है कि वे कंपनी से जुड़े विभिन्न पक्षों से बात न करें। कंपनी ने खत में कहा है कि बाहरी पक्षों और खासकर मीडिया से बात करने पर कंपनी की हिस्सेदारी बिक्री की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

जेट संकट से पर्यटन कारोबार प्रभावित: जेट एयरवेज की उड़ाने रद होने से फ्लाइट का किराया औसतन 25 फीसद बढ़ गया है और इसका सीधा असर पर्यटन कारोबार पर पड़ा है। इसके कारण होटलों की बुकिंग बड़े पैमाने पर रद हो रही है। कई मार्गो पर तो फ्लाइट 62 फीसद तक महंगा हो चुका है। ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट सुनील कुमार ने कहा कि पर्यटन कारोबार पर जेट संकट का नकारात्मक असर पूरे साल देखा जा सकता है।

स्पाइसजेट में जेट के 500 कर्मियों को मिली नौकरी: स्पाइसजेट ने शुक्रवार को कहा कि उसने जेट एयरवेज के 500 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी दे दी है। इनमें से 100 से अधिक पायलट हैं। कंपनी ने साथ ही कहा कि वह जेट के और कर्मचारियों को नौकरी पर रखने के लिए तैयार है, क्योंकि वह कई और विमानों को बेड़े में शामिल करने जा रही है। स्पाइसजेट के चेयरमैन अजय सिंह ने एक बयान में यह भी कहा कि उनकी कंपनी जेट एयरवेज के कर्मचारियों को नौकरी में प्राथमिकता दे रही है।

जेट संकट से इंडिगो सर्वाधिक लाभ में: जेट संकट का सर्वाधिक लाभ इंडिगो को मिलता नजर आ रहा है। उद्योग के एक जानकार के मुताबिक सबसे बड़ी विमानन कंपनी को सबसे अधिक लाभ होगा। इसलिए सबसे अधिक यात्री इंडिगो को मिलेंगे। पीडब्ल्यूसी के साङोदार धीरज कुमार ने कहा कि जो कंपनी सबसे अधिक विमानों को बेड़े में शामिल करेगी, उसे सर्वाधिक लाभ मिलेगा। भारतीय बाजार में इंडिगो की हिस्सेदारी 43.4 फीसद है और वह विमानों की संख्या बढ़ाने पर आक्रामक तरीके से काम कर रही है।

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