सहारा-बिड़ला डायरी मामला, सुप्रीम कोर्ट ने कहा सबूत नाकाफी

हिन्द न्यूज डेस्क। सहारा-बिड़ला डायरी मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पेश सामग्री को नाकाफी बताते हुए जांच की याचिका खारिज कर दी.

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सुप्रीम कोर्ट ने सहारा-बिड़ला डायरी मामले में जांच की मांग ठुकराई दी है. कोर्ट ने इस मामले में सबूतों को नाकामी बताया है. कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने से भी इनकार किया है. कोर्ट ने कहा – कुछ कागजों के आधार पर एफआईआर का आदेश नहीं दिया जा सकता. उनकी पुष्टि करने वाले दूसरे सबूत ज़रूरी हैं.

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आज कोर्ट में सहारा-बिड़ला केस में याचिकाकर्ता कॉमन कॉज़ के वकील प्रशांत भूषण ने लगभग 2 घंटे तक कोर्ट को इस बात के लिए आश्वस्त करने की कोशिश की कि मामले में एफआईआर दर्ज होना ज़रूरी है.

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जवाब में अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि किसी आयकर छापे में कोई कागज़ पाया जाना उन लोगों के खिलाफ एफआईआर का आधार नहीं बन सकता जिनके नाम उस कागज़ में लिखे हैं.

फैसले के बाद  प्रशांत भूषण ने कहा, “मेरे हिसाब से दुभाग्यपूर्ण फैसला है, जिनके ऊपर इस बादल हैं उनसे ये बादल हटेंगे नहीं. बोफोर्स के केस में हम देख चुके हैं कि बिना किसी कोर्ट के फैसले के और बिना किसी जांच के उस वक्त के प्रधानमंत्री पर इसकी आंच आयी थी. ये दुर्भाग्य पूर्ण है कि सुप्रीम कोर्ट एक तरफ कहता है कि कानून सबके लिए बराबर है दूसरी तरफ कहता है कि संवैधानिक पद पर बैठे लोगों के खिलाफ कम सूबूतों के आधार पर जांच नहीं बैठायी जा सकती.”

आपको बता दें कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गुजरात में एक रैली के दौरान आरोप लगाया था कि सहारा ग्रुप से मिली डायरी में पीएम मोदी का नाम लिखा था और उन्हें पैसे दिए गए.

 

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