सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा- विकास कार्य में जनसहभागिता भी जरूरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज मुजफ्फरनगर में अपने करीब दो घंटा के प्रवास में धर्म, समाज और संस्कृति पर फोकस किया। उन्होंने धर्म, संस्कृति के साथ जल सरक्षण और स्वच्छता को लेकर भी जनता से सहयोग का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास कार्यों के लिए जन सहभागिता भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि शुकतीर्थ के विकास के लिए सरकार संकल्पबद्ध है। इसके लिए एक-एक योजना पर कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने धर्म, संस्कृति के साथ जल सरक्षण और स्वच्छता को लेकर भी जनता से हर प्रकार के सहयोग का आग्रह किया।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांवड़ यात्रा के लिए शासन और प्रशासन के प्रत्येक नागरिक अपना योगदान दे। उन्होंने कहा कि सरकार की साफ मंशा के कारण प्रयागराज का कुंभ दुनिया भर में प्रसिद्ध हुआ है। इस बार कुंभ में 24 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया और देश-विदेश से आए लोगों ने भारतीय संस्कृति समृद्धि का इतिहास और वर्तमान देखा है।

उन्होंने कहा कि केंद्र तथा प्रदेश सरकार ने तीर्थ स्थलों के विकास के लिए प्रतिबद्ध तीर्थ स्थलों को उनकी मूल काया और आधुनिक तालमेल से विकास का नया खाका खींचा है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीतराग संत स्वामी कल्याण देव की समाधि स्थल और मंदिर में शीश झुकाकर श्रद्धा सुमन अर्पित की। उन्होंने ने शुकतीर्थ में पर्यटन से जुड़ी योजनाओं का शिलान्यास किया और एक वर्ष में सभी कार्य पूर्ण करने का भरोसा दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 17 जुलाई से सावन का माह प्रारंभ हो रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा बहुत अच्छे ढंग से संपन्न हो, ये प्रशासन व शासन के साथ हम सबकी भी जिम्मेदारी है। हम सब मिलकर इस कार्यक्रम के साथ आगे बढाए और इसको एक नई ऊंचाई पर ले जाएं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारे पास, हमारे घर में, हमारे गांव में, हमारे क्षेत्र में जो आ गया, वह अतिथि है।अतिथि का मतलब ही होता है कि जो बिना बुलावे के आए। कांवड़ यात्री हम सबके अतिथि के रूप में आएं। भगवान शिव की भक्ति का गान करते हुए निकलें, भजन कीर्तन करते हुए निकलें। इसके साथ ही प्रशासन को कांवड़यात्रा के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए।

कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी

मुख्यमंत्री योगी ने अपने 36 मिनट के भाषण में धर्म, समाज और संस्कृति पर खूब बाते कही हैं। उन्होंने कहा कि भारत सन्तों की भूमि है। सन्तों का जीवन ही मानव कल्याण के होता है। श्री मद भागवत कथा का पांच हजार वर्ष पुराना शुकतीर्थ से नाता है। सन्तों की उपासना विधि अलग-अलग हो सकती है, लेकिन उनका उद्देश्य मानव कल्याण ही है। यह भारत की धरती है कि गुरुओं को पूजा जाता है और उनकी स्मृति में गुरु पूर्णिमा जैसा पर्व मनाया जाता है।

जल संरक्षण का दिया संकल्प

मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण का जनसमूह को संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि जिस तरह मनुष्य अपने लिए पाई पाई जोड़ कर रखता है और वह उसके लिए पूंजी का काम करती है इसी तरह जल संरक्षण की भी आवश्यकता है गांव हो या शहर प्रत्येक नागरिक को जल संरक्षण का महत्व समझना होगा और उसको संजो कर रखना होगा क्योंकि जीवन इमारत और बिल्डिंग में नहीं बसता है। जैसे मनुष्य और जीव जंतु के लिए शुद्ध वायु आवश्यक है ऐसे ही शुद्ध पानी में जरूरी है हम सब संकल्प लें कि बारिश की एक-एक बूंद को संजो कर उसका भंडार बनाएंगे।

उन्होंने कहा कि किसानों, व्यापारियों व आमजन की समस्याओं को लेकर सरकार गंभीर है। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि यात्रा के दौरान डीजे बंद नहीं होंगे, लेकिन सिर्फ भजन बजाने की ही इजाजत होगी, फिल्मी गाने कतई नहीं चलेंगे। कांवड़ यात्री बिना किसी परेशानी के पूरी कर सके इसके लिए हरेक जोन, जिला और मंडल स्तर पर विभागीय बैठकें करने और आपस में तालमेल बिठाने का आदेश दिया गया है। कांवड़ यात्रा को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ बेहद गंभीर है। उन्होंने इससे पहले भी प्रदेश के अधिकारियों को यात्रा सकुशल संपन्न कराने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं।

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