1984 anti Sikh riots में उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के खिलाफ कांग्रेस नेता सज्जन कुमार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

1984 anti Sikh riots: 1984 सिख दंगा मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई अगस्त के पहले सप्ताह में होगी। सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने जमानत याचिका पर सुनवाई टाल दी। इससे पहले 25 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने सज्जन कुमार की जमानत पर सुनवाई दो सप्ताह के लिए टाल दी थी।

दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा सिख विरोधी दंगे (1984 anti Sikh riots) में उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के खिलाफ कांग्रेस नेता सज्जन कुमार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। बता दें कि 1984 सिख दंगा मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने सज्जन कुमार को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनवाई थी। 73 वर्षीय पूर्व कांग्रेस नेता ने सुनाई गई उम्रकैद की सजा को भुगतने के लिए 31 दिसंबर 2018 को निचली अदालत में समर्पण किया था इसके बाद सज्जन कुमार को मंडोली जेल भेज दिया था।

दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराते हुए 17 दिसंबर को सुनाए गए फैसले में स्वाभाविक जीवन के शेष हिस्से के लिए जेल की सजा सुनाई थी। मामले में सज्जन कुमार को दक्षिण पश्चिम दिल्ली में 1-2 नवंबर 1984 को दिल्ली छावनी के राजनगर पार्ट-1 में पांच सिखों के मारे जाने व गुरुद्वारा जलाए जाने के मामले में दोषी ठहराया गया है। 

31 अक्टूबर 1984 को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या उनके सिख अंगरक्षकों ने कर दी थी। इस वारदात के अगले ही दिन दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में सिख विरोधी दंगे भड़क उठे थे। इन दंगों के कारण देश के कई राज्यों में हत्या और आगजनी जैसी कई वारदातें हुई थीं। इन दंगों में तीन हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी, जिनमें बड़ी संख्या में मौतें दिल्ली में हुई थीं। सज्जन कुमार को दंगे और हत्याओं से जुड़े एक अन्य मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से उम्र कैद की सजा दी जा चुकी है।

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