AMU में जिन्ना की तस्वीर का विरोध- लाठीचार्ज, BJP सांसद बोले- पाकिस्तान को दे दो

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के छात्रसंघ के हॉल में लगी पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. नया घटनाक्रम ये है कि हॉल से जिन्ना तस्वीर को फिलहाल हटा दिया गया है. तर्क ये दिया गया है कि परिसर की सफाई चल रही है, इसलिए तस्वीरों को हटाया गया है.

वहीं, यूनिवर्सिटी से जिन्ना की तस्वीर हटाने के लिए अलीगढ़ में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने यूनिवर्सिटी के बाहर प्रदर्शन भी किया है. इन्हें हटाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा. AMU छात्र संघ के सज्जाद सुभान राथर का कहना है कि सफाई की वजह से जिन्ना की ही नहीं दूसरी तस्वीरों को भी हटाया गया है. सज्जाद ने साफ किया कि सफाई का काम जिन्ना समेत सभी तस्वीरों को दोबारा उनके अपने स्थान पर ही लगाया जाएगा.

इस बीच अलीगढ़ से बीजेपी सांसद सतीश गौतम ने ‘आजतक’ को बताया कि AMU के वीसी को इस संबंध में मेरी लिखी चिट्ठी के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन हरकत में आया है. गौतम के मुताबिक उन्होंने वीसी से कहा है कि जिन्ना की तस्वीर को पाकिस्तान भेज देना चाहिए. बता दें कि गौतम ने वीसी को भेजी चिट्ठी में पूछा था कि जिन्ना की तस्वीर यूनिवर्सिटी में लगाए रखने की क्या मजबूरी है जबकि जिन्ना देश के बंटवारे के सूत्रधार थे. गौतम ने उम्मीद जताई कि जिन्ना की तस्वीर को यूनिवर्सिटी से हटा लिया जाएगा.       

योगी सरकार के मंत्री और बीजेपी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य की ओर से जिन्ना की तस्वीर को हटाने की मांग को बेतुका बताए जाने पर गौतम ने कहा, ‘ये उनका निजी बयान है और उसका पार्टी से कोई लेना देना नहीं है. वो कुछ भी बोले उनके बयान पर क्या करना है वो संगठन देखेगा. मैं अलीगढ़ से सांसद हूं, मेरी जिम्मेदारी अलीगढ़ की है, बाकी कौन क्या बोल रहा है उसकी मेरी कोई जिम्मेदारी नहीं है.

गौतम से जब बीजेपी के राज्यसभा सांसद हरनाथ सिंह यादव की ओर से स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘हरनाथ सिंह यादव बड़े नेता हैं, मैं उनकी तारीफ करता हूं, उनका जो बयान और मांग है उस पर संगठन विचार करेगा.’ बता दें कि हरनाथ सिंह यादव ने कहा था कि जिन्ना की तस्वीर के प्रकरण में स्वामी प्रसाद मौर्य ने जो कहा है उसके लिए वो माफी मांगें. अगर वो ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें पार्टी से निकाला जाए.

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में बुधवार को पहुंचे पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी से जब जिन्ना की तस्वीर से जुड़े विवाद पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ‘मैं फालतू की चीजों पर बात नहीं करता, जो लोग राजनीति कर रहे हैं उन्हें राजनीति करने दो, मैं दस साल राजनीतिज्ञों के बीच रहा लेकिन मैंने कभी राजनीति नहीं की’. हामिद अंसारी को एएमयू छात्रसंघ की ओर से मानद आजीवन सदस्यता से सम्मानित किया जा रहा है.   

इस बीच जमीयत उलेमा हिंद के महासचिव महमूद मदनी ने जिन्ना की तस्वीर को लेकर उठे विवाद पर कहा कि इसके दो पहलू हैं. पहली बात हम तस्वीरों, पोट्रेट, प्रतिमाओं के खिलाफ हैं. शख्सियत कोई भी हो लेकिन उसके फोटो, पोट्रेट नहीं टांगे जाने चाहिए. मदनी के मुताबिक जहां तक जिन्ना की तस्वीर का सवाल है तो भारतीय मुस्लिम उन्हें, उनके विचारों और भारत के बंटवारे को पहले ही खारिज कर चुके हैं, इसीलिए उन्होंने पाकिस्तान जाने की जगह भारत में ही रहना चुना. मदनी ने कहा कि उनका मानना है, मुस्लिमों से जुड़े संस्थानों में ऐसी चीजों को नहीं रखा जाना चाहिए. मदनी ने साथ ही सवाल किया कि इस तस्वीर को इतने समय तक वहां रखा क्यों गया. मदनी ने ये भी कहा कि किसी बाहरी व्यक्ति को दखल की इजाजत नहीं होनी चाहिए, यूनिवर्सिटी प्रशासन को खुद ही जिन्ना का पोट्रेट हटा देना चाहिए.

 
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