GDP वृद्धि दर 2016—17 में घटकर 7.1% रहने का अनुमान

हिन्द न्यूज़ डेस्क। देश की जीडीपी वृद्धि दर मौजूदा वित्त वर्ष में 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है. यह 2015-16 में 7.6 प्रतिशत थी. आर्थिक वृद्धि दर में कमी का कारण विनिर्माण, खनन तथा निर्माण क्षेत्रों में नरमी है.

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वास्तविक जीडीपी या सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) स्थिर मूल्य  (2011-12) पर 2016-17 में 121.55 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है. वहीं 2015-16 के लिये 31 मई 2016 को जारी जीडीपी के अस्थायी अनुमान के तहत यह 113.50 लाख करोड़ रुपये था.

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वहीं रिजर्व बैंक ने जीडीपी वृद्धि के अनुमान को कम कर 7.1 प्रतिशत कर दिया है. मूल कीमत पर वास्तविक जीवीए की अनुमानित वृद्धि दर 2016-17 में 7.0 प्रतिशत रहने का अनुमान है. यह 2015-16 में 7.2 प्रतिशत थी.’ स्थिर मूल्य पर सकल मूल्य वर्द्धन (जीवीए) 2016-17 में 111.53 लाख करोड़ रपये अनुमानित है जो 2015-16 में 104.27 लाख करोड रुपये था.

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दूसरी तरफ खनन एवं उत्खनन क्षेत्र में आलोच्य वित्त वर्ष में 1.8 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान है जबकि 2015—16 में इसमें 7.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। विनिमार्ण क्षेत्र में वद्धि दर 2016—17 में 7.4 प्रतिशत तथा निमार्ण क्षेत्र में 2.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है। पिछले वित्त वर्ष में जहां विनिमार्ण क्षेत्र में 9.3 प्रतिशत की वद्धि हुई थी वहीं निमार्ण क्षेत्र में 3.9 प्रतिशत कीवृद्धि दर्ज की गयी थी।

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आंकड़ों के अनुसार प्रति व्यक्ति शुद्ध राष्ट्रीय आय (चालू मूल्य) 2016—17 में 10.4 प्रतिशत बढ़कर 1,03,007 रुपये रहने की भावना है जो 2015—16 में 7.4 प्रतिशत वृद्धि के साथ 93,293 रपये थी

वहीं  केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आंकडे जारी करते हुए मुख्य साख्यिकीविद् टीसीए अनंत का कहना है कि नवंबर के आंकड़े उपलब्ध थे और उसका विश्लेषण किया गया लेकिन यह पाया गया कि नोटबंदी की नीति के कारण इन आंकडों में उतार-चढाव काफी अधिक है. ऐसे में नवंबर के आंकडें को अनुमान में शामिल नहीं करने का फैसला किया गया.

अत: 2016-17 की राष्ट्रीय आय के पहले अग्रिम अनुमान में नोटबंदी का प्रभाव प्रतिबिंबित नहीं होता और यह केवल सात महीनों या अक्तूबर तक के क्षेत्रवार आंकडों पर आधारित है.

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